बौखलाए खुर्शीद (खिसियाई बिल्ली खम्बा नोचे )


ताकतवर नेता जब दादागिरी पर उतर तो फिर लोकतंत्र का सरेआम क़त्ल होना लाजमी है , ऐसे में अगर पार्टी भी उसीका का साथ देने पर उतारू है तो तय मान के चलिए सालों पहले मिले इन्कलाब की इज्जत सड़क पर तार तार होने से भला कौन  सकता है ?   जवाब नहीं मिलेगा , ऐसा बिलकुल भी नहीं है, जवाब मिलेगा और भरपूर मिलेगा, क्योंकि अब अवाम से कुछ भी छिपा नहीं है वो वो जान गई है के परदे के पीछे का कलाकार कौन है और उसे किस तरह पुरस्कार देना है । हम बात कर रहे हैं यूपीए 2 के कानून मंत्री सलमान खुर्शीद साहब की , आजतक के ओपरेशन धृतराष्ट्र में जो खुलासे हुए हुए , वो (सलमान खुर्शीद ) इसका जवाब देने के बदले मीडिया को सवालों में घेरते नज़र आए इसके आलावा उन्होंने झूठे सबुत पेश किये जब सब तरफ से मीडिया से घिरते नज़र आए तो उन्होंने मीडिया पर ही मानहानि का मुक़दमा ठोककर कोर्ट में घसीटने की बात कही , आज तो उन्होंने सारी सीमा लांघते हुए टीम केजरीवाल को धमकी ही  दे डाली कि आओ फरुखाबाद लौट के कैसे जाओगे ? इसका जवाब उस कौंग्रेस को देना ही होगा जो उनके बचाव के लिए बढ़ चढ़ कर सामने आई थी । अब सवाल ये उठता है कि क्या कौंग्रेस अब भी उनका समर्थन करेगी या उनसे इस्तीफ़ा ले लिया जाएगा ? क्या राहुल इसीलिए मनमोहन से मिलाने गए थे ? बहरहाल , जिस पद पे आज खुर्शीद हैं उसी पद पर संविधान निर्माता डॉ भीमराव आम्बेडकर हुआ करते थे , ऐसे महान नेता का अपमान करने वाले खुर्शीद पार्टी को क्या जवाब देंगे? केजरीवाल को तो वे जवाब दे चुके हैं कि वो कलम से काम कर चुके हैं अब लहू से काम लेंगे मतलब साफ़ है अब इतने पर भी अगर कौंग्रेस उनका बचाव करती है तो आगामी आम चुनाव में कौंग्रेस का सूपड़ा साफ़ होने से कोई नहीं रोक सकता वैसे भी भ्रष्टाचार पर पार्टी के पास कोई जवाब नहीं है ।  उसी पर कौंग्रेस पार्टी का एक बयान आता की 71 लाख का घोटाला कोई घोटल होता है क्या ? आपको बता दे कि अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक सभा कर रहे खुर्शीद ने धमकी भरे लहजे में कहा कि केजरीवाल फर्रुखाबाद जाएं, लेकिन वहां से लौटकर भी दिखाएं। उन्होंने कहा, 'बहुत दिनों से मैं कलम से काम कर रहा था लेकिन अब वक्त आ गया है कि कलम के साथ-साथ लहू से भी काम करूं।' उन्होंने कहा, 'केजरीवाल कहते हैं कि वह सवाल पूछ रहे हैं और हम जवाब दें। मैं कहता हूं कि तुम जवाब सुनो और सवाल पूछना भूल जाओ।' उन्होंने कहा कि केजरीवाल को ऐसा सबक सिखाएंगे कि वह सवाल पूछना भूल जाएंगे। खुर्शीद की धमकी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए टीम केजरीवाल के सदस्य कुमार विश्वास ने कहा, 'देश का कानून मंत्री खुलेआम कहे कि हम खून से होली खेलेंगे, तो हम किससे शिकायत करने जाएं। राष्ट्रपति, सोनिया गांधी और विपक्ष चुप क्यों है?' उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार और अन्य राजनीतिक दलों के विभिन्न नेता खुर्शीद के बयान पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? कुमार विश्वास ने यह भी कहा कि उनकी टीम खुर्शीद की धमकियों से नहीं डरती और फर्रुखाबाद जरूर जाएगी। केजरीवाल ने कहा हम 1 नवम्बर को फरुखाबाद जाएँगे और अगर खुर्शी हमें मरवाना चाहते हैं तो हम तैयार हैं एक अरविन्द मरेगा तो सैकड़ों पैदा होंगे आज देश जाग गया है । खुर्शीद के इस बर्ताव और बयां पर वो कहावत याद आती है कि खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे । 

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